छत्तीसगढ़

साहित्यकार का अपमान या नियमों की जंग? राष्ट्रपति की चौखट तक पहुंची गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी की ये लड़ाई

CG News: छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक चक्रवाल के साहित्यकार से दुर्व्यवहार करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बिलासपुर में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कुलपति को हटाने की मांग की है. विधायक ने बताया है कि कुलपति के इस व्यवहार से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है.

कुलपति का आचरण दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक है

बिलासपुर में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक चक्रवाल को हटाने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान कुलपति का आचरण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक और विश्वविद्यालय की गरिमा के प्रतिकूल रहा है. इस घटना से न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि देशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों में भी गहरा रोष उत्पन्न हुआ है.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा अतिथियों के साथ किया गया व्यवहार, संवाद की मर्यादा का उल्लंघन और शैक्षणिक मंच को विवाद का केंद्र बना देना, यह दर्शाता है कि वे अपने पद की गरिमा और दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे हैं. इसलिए आपसे निवेदन है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कुलपति को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और कुलपति की कार्यकाल की समस्त नियुक्तियों और आदेशों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की कृपा करें, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा और विश्वास बहाल हो सके.’

साहित्यकार के साथ दुर्व्यवहार करने का वीडियो हुआ था वायरल

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में हाल ही में एक शैक्षणिक और साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक चक्रवाल के कार्यक्रम में आए साहित्यकार मनोज रूपण के साथ दुर्व्यहार किया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था. वीडियो देखकर हर तरफ कुलपति आलोक चक्रवाल की आलोचना हो रही है.

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Regional Desk

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