अब छत्तीसगढ़ के इस धान खरीदी केंद्र से करोड़ो के धान गायब

प्रदेश में एक ओर किसान टोकन के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सूरजपुर के सावारावा धान खरीदी केंद्र से सरकारी धान के गायब होने का बड़ा मामला उजागर हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई जब रिकॉर्ड और स्टॉक में जमीन-आसमान का अंतर मिला।
प्रशासनिक टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और सत्यापन में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं,जांच में कुल 2588 क्विंटल धान कम पाया गया है।गायब धान की कीमत लगभग 80 लाख 22 हजार रुपये आंकी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि बिना धान की आवक के ही कागजों पर फर्जी एंट्री कर भुगतान चढ़ा दिया गया है।
सावारावा केंद्र में हुई इस गड़बड़ी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि खरीदी केंद्र के प्रभारियों और जिम्मेदारों ने मिलीभगत कर सरकारी खजाने को चूना लगाने की कोशिश की है।अब सवाल यह उठता है कि क्या यह धान गोदामों से चोरी हुआ या इसकी कभी खरीदी ही नहीं हुई? बिना स्टॉक के भुगतान की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी? इतनी बड़ी मात्रा में धान ‘गायब’ होने तक उच्चाधिकारी क्या कर रहे थे?
कार्रवाई की तैयारी में प्रशासन
इस बड़ी गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन अब कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। संबंधित केंद्र प्रभारी और दोषी कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने और वसूली की कार्यवाही की जा सकती है। यह मामला ऐसे समय में आया है जब राज्य में धान खरीदी को लेकर पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
चूहे-दीमक खा गए 7 करोड़ के धान, संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित
कवर्धा जिले में 7 करोड़ के धान खराब मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संग्रहण केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया है और डीएमओ अभिषेक मिश्रा को गलत बयानबाजी के आरोप में शोकॉज नोटिस जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, करोड़ों के धान खराब होने का मामला 2024-25 का है। धान शॉर्टेज की समस्या सामने आने के बाद संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रीतेश पांडेय को शुरू में हटाया गया था, अब इन्हें निलंबित कर दिया गया।
जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा ने अपने बयान में कहा था कि जो धान खराब हुआ है वह चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम की खराबी के कारण हो सकता है। इसी बयान पर प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं प्रकरण की जांच के लिए एक जांच समिति भी गठित की गई है।






