रायपुर के डाक्टर को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर ठग लिए करोड़ो रुपये

राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र से डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का मामला सामने आया है, जहां 74 वर्षीय सेवानिवृत्त वेटनरी डॉक्टर को साइबर ठगों ने करीब 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 1 करोड़ 28 लाख रुपये की ठगी कर ली।
मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बता ठगी
पुलिस में की गई शिकायत के अनुसार, सी-129 स्वर्णभूमि निवासी स्वप्न कुमार सेन के पास कुछ दिन पहले एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और दावा किया कि स्वप्न कुमार सेन के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड के जरिए कई लोगों से धोखाधड़ी की गई है, जिसके चलते उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ठगों ने FIR की कथित कॉपी भी भेजी और बैंक खातों की जांच, गिरफ्तारी तथा जेल भेजे जाने का डर दिखाकर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया।
खातों में जमा कराये 1 करोड़ 28 लाख रुपये
साइबर ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा और पीड़ित को किसी से बात न करने, घर से बाहर न निकलने और पुलिस या परिजनों से संपर्क न करने के निर्देश दिए। ठगों ने जांच में सहयोग के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा। डर और तनाव में आए स्वप्न कुमार सेन ने उनके बताए खातों में कुल 1 करोड़ 28 लाख रुपये जमा कर दिए। करीब 10 दिनों बाद जब ठगों का संपर्क पूरी तरह बंद हो गया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद स्वप्न कुमार सेन ने विधानसभा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेंज साइबर थाना की टीम कॉल डिटेल्स, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है।
पुलिस ने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता और यह साइबर ठगी का नया तरीका है। लोगों से अपील की गई है कि इस तरह की कॉल, गिरफ्तारी की धमकी या पैसों की मांग मिलने पर तुरंत सतर्क रहें और पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।





