छत्तीसगढ़ में गजबें हो गया… 2 करोड़ की रेल पटरी काटकर ले गए चोर

कोरबा: छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला इन दिनों ‘अजीबोगरीब चोरियों’ का गढ़ बनता जा रहा है। अभी पुलिस 70 फीट लंबे लोहे के पुल की चोरी का गुत्थी सुलझा ही रही थी कि शातिर चोरों ने सीधे रेलवे प्रोजेक्ट पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। चोरों ने उरगा-पेंड्रा नई रेल लाइन प्रोजेक्ट से करीब 2 करोड़ रुपये का लोहा पार कर दिया है।
इंजीनियर फेल, चोर पास: 65 KM के दायरे में बिछाई पटरियां गायब!
गेवरा-पेंड्रा नई रेल लाइन का काम देख रही ‘शिवाकृति प्राइवेट कंपनी’ उस वक्त सन्न रह गई, जब कुसमुंडा से कुचेना जटगा के बीच करीब 60-65 किलोमीटर के दायरे में बिछाई गई पटरियां और भारी मशीनरी गायब मिलीं। चोरों ने न केवल लोहे की पटरियां काटीं, बल्कि कीमती प्लेट्स और हैवी मशीनरी भी ले उड़े।

दहशत में कर्मचारी: मशीनें तोड़ीं, रात को मचाते हैं तांडव
चोरों का दुस्साहस देखिए—सिर्फ सामान ही नहीं ले गए, बल्कि निर्माण स्थल पर खड़ी हाइड्रा मशीन के शीशे तक तोड़ दिए। सुनसान रास्तों और अंधेरे का फायदा उठाकर यह गिरोह गैस कटर के साथ आता है और देखते ही देखते करोड़ों का सामान कबाड़ में तब्दील कर देता है। प्रोजेक्ट में लगे मजदूर अब इस ‘लोहा चोर गैंग’ के आतंक से डरे हुए हैं।
पुलिस की ‘पुरानी फाइल’ अभी बंद भी नहीं हुई थी…
दिलचस्प बात यह है कि 17 जनवरी को जिस लोहे के ब्रिज की चोरी हुई थी, उसके 10 आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इधर पुरानी जांच चल ही रही थी कि चोरों ने रेलवे लाइन साफ कर दी।
एएसपी लखन पटले का कहना है कि टीमें गठित कर दी गई हैं और घटनास्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है।कोरबा में चोर जिस रफ्तार से सरकारी संपत्ति (पुल और पटरी) को ‘गायब’ कर रहे हैं, उससे तो ऐसा लग रहा है कि जल्द ही पूरे इलाके का इंफ्रास्ट्रक्चर ही खतरे में पड़ जाएगा। क्या पुलिस इस संगठित गिरोह को रोक पाएगी या अगली बारी किसी और बड़े प्रोजेक्ट की है?






