वेदांता छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट में 55 वां राष्ट्रीय सुरक्षा माह : ‘शून्य दुर्घटना’ के साथ सुरक्षित भविष्य की ओर कदम


सिंघीतराई, सक्ती 17 मार्च। वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (व्हीएलसीटीपीपी) ने 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा माह के अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। शून्य दुर्घटना की उपलब्धि के साथ वित्तीय वर्ष 2026 में व्हीएलसीटीपीपी ने औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा माह के अंतर्गत इस वर्ष की थीम है – ‘‘उन्नत सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करें, शिक्षित करें और सशक्त बनाएं।’’ थीम के अंतर्गत व्हीएलसीटीपीपी संयंत्र परिसर में आयोजित समारोह का उद्घाटन वेदांता पावर बिजनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजिंदर सिंह आहूजा ने किया। व्हीएलसीटीपीपी और बिजनेस पार्टनर के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों ने सुरक्षा शपथ ली। श्री आहूजा ने सुरक्षा ध्वज फहराया। इस अवसर पर संयंत्र परिसर में सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली गई।


श्री आहूजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘‘सुरक्षा वेदांता की प्राथमिकता है। हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि संयंत्र में कार्यरत हर व्यक्ति प्रतिदिन सुरक्षित रूप से अपने परिवार के पास घर लौटे। सुरक्षा की भावना के साथ व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ बेहतर नतीजे दे पाते हैं। ‘शून्य क्षति’ और ‘शून्य चोट’ की कार्य संस्कृति हमारा केंद्रीय मूल्य है जिससे हमें निरंतर दिशा मिलती है। वित्तीय वर्ष 2026 में हमारे समस्त प्रचालनों में शून्य दुर्घटना लक्ष्य की प्राप्ति सुरक्षा प्रथम कार्य संस्कृति के प्रति हमारी कटिबद्धता का द्योतक है।’’ उन्होंने बताया कि, ‘‘इस वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा माह की थीम के अनुरुप हमने अपने प्रबंधन, कर्मचारियों, बिजनेस पार्टनर और उनके परिवारजनों, प्रचालन क्षेत्रों के आसपास स्थित गांवों और स्कूलों को सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल किया है। हम मानते हैं कि जागरूकता या कौशल की कमी से जोखिम पैदा हो सकते हैं इसलिए असुरक्षित कार्यशैली के प्रति जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते हैं। हम अपने कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर को सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बनाते हैं। इसके अंतर्गत किसी असुरक्षित कार्य को ‘मना करने का अधिकार’ (राइट टू रीफ्यूज) भी शामिल है। वेदांता में हम ऐसी कार्य संस्कृति के विकास पर निवेश करते हैं जहां सुरक्षा का पालन कार्यस्थल और बाहर दोनों जगह किया जाता है। यह ऐसा मूल्य है जिसे वेदांता परिवार के सदस्य व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में प्रोत्साहित करते हैं।’’


इस अवसर पर व्हीएलसीटीपीपी के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि ‘‘औद्योगिक सुरक्षा पर हम आत्मनिरीक्षण करें और देखें कि उद्योग में सुरक्षित कार्य शैली की मजबूती की दिशा में हमारा क्या योगदान है। किसी भी कार्य को करने के दौरान शॉर्टकट न अपनाएं। हम पूरी ईमानदारी से सुरक्षा मानदंडों का पालन करें। जागरूकता के साथ ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करें जिससे हमें किसी सुपरविजन की जरूरत ही न पड़े। एकजुट होकर कार्य करते हुए हम शून्य क्षति का लक्ष्य प्राप्त करें। अपने साथ ही सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी को महसूस करें और अमल में लाएं। हम अपने कार्य में उत्तरोत्तर सुधार के लिए प्रशिक्षण लें। नई तकनीकंे सीखने के प्रति जिज्ञासा रखें।’’


राष्ट्रीय सुरक्षा माह के दौरान व्हीएलसीटीपीपी संयंत्र परिसर में सुरक्षा प्रश्नोत्तरी स्पर्धा, श्रेष्ठ बिजनेस पार्टनर पुरस्कार तथा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। आसपास के समुदायों में सुरक्षा कुटुंब तथा कर्मचारियों और उनके परिवारजनों की जागरूकता के लिए ‘कौन बनेगा सेफ्टी चैंप’ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
व्हीएलसीटीपीपी के औद्योगिक सुरक्षा के अंतर्गत जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए सख्त परमिट प्रोटोकॉल, अनुशासित प्रचालन प्रक्रियाएं एवं निगरानी शामिल हैं ताकि घटनाओं के होने से पहले ही जोखिम की पहचान कर उसे ठीक किया जा सके। कर्मचारी और बिजनेस पार्टनर नियमित सुरक्षा संगोष्ठियों में हिस्सा लेते हैं। प्रोएक्टिव रिस्क कंट्रोल के जरिए शून्य क्षति का लक्ष्य पाने पर ध्यान दिया जाता है। जोखिमपूर्ण प्रक्रियाओं की निगरानी क्रिटिकल रिस्क मैनेजमेंट (सीआरएम) के तहत की जाती है। शॉप-फ्लोर विजिट के जरिए विजिबल फेल्ट लीडरशिप सुनिश्चित किया जाता है। फ्रंटलाइन अकाउंटेबिलिटी के लिए पर्सनल सेफ्टी एक्शन प्लान मौजूद है। निरंतर चौबीस घंटे की औद्योगिक सुरक्षा के लिए नाइट ड्यूटी ऑफिसर सिस्टम लागू है। एआर-व्हीआर आधारित डिजिटल सेफ्टी ट्रेनिंग और मानसिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मेंटल वेलनेस पहलों के जरिए सुरक्षा संस्कृति को मजबूती दी जाती है।


वेदांता पावर के बारे में: वेदांता समूह भारत के सबसे बड़े निजी थर्मल ऊर्जा उत्पादकों में से एक है, जिसके पास 12,000 मेगावाट से अधिक थर्मल पावर उत्पादन करने की क्षमता है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और उत्पादन में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए वेदांता पावर समर्पित है। वेदांता पावर के प्लांट मानसा, पंजाब (तलवंडी साबो पावर लिमिटेड), सिंघीतराई, छत्तीसगढ़ (वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट), तिरुपति, आंध्र प्रदेश (मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड) और झारसुगु़ड़ा, ओडिशा (झारसुगुड़ा आईपीपी प्लांट) स्थित हैं। इन संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता 4,780 मेगावाट है, जो देश भर में विभिन्न डिस्कॉम, उपयोगिताओं और उद्योगों को ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।





