बिलासपुर संभाग

रामायण जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को जोड़ते हैं, यह हमारी संस्कृति और आस्था की सबसे बड़ी ताकत : अरविंद लहरिया

ग्राम पंचायत मड़ई में 8 मार्च से चल रहा अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन, 18 मार्च को हवन व ब्राह्मण भोज के साथ होगा समापन

सीपत (हिमांशु गुप्ता) :-– समीप के ग्राम पंचायत मड़ई में 8 मार्च से चल रहे अखंड नवधा रामायण पाठ का धार्मिक और भक्तिमय वातावरण में आयोजन किया जा रहा है। पूरे नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान श्रीराम की कथा का रसपान कर रहे हैं। आयोजन का समापन 18 मार्च को विधिवत हवन-पूजन एवं ब्राह्मण भोज के साथ किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में कथा वाचन का दायित्व प्रसिद्ध कथा आचार्य पंडित विनोद कुमार पांडेय द्वारा निभाया जा रहा है, जिनके मुखारविंद से श्रीराम कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और पूरा गांव भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। सोमवार को इस पावन आयोजन में प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी (अ.जा.) एवं मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के सुपुत्र अरविंद लहरिया विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने कथा स्थल पर पहुंचकर भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उनके साथ कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। इस दौरान अरविंद लहरिया ने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम शिक्षा देने वाला मार्गदर्शक है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और हमारी संस्कृति, संस्कार तथा परंपराओं को मजबूत बनाते हैं। ग्राम मड़ई के ग्रामीणों ने जिस श्रद्धा और एकजुटता के साथ इस आयोजन को संपन्न कराया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी हमारे जीवन के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। यदि हम रामायण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तो समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भावना स्वतः स्थापित हो जाएगी। अखंड नवधा रामायण के दौरान पूरा ग्राम मड़ई भक्ति के वातावरण में सराबोर नजर आ रहा है। सुबह से शाम तक भजन-कीर्तन और कथा का क्रम जारी है, जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत मड़ई के सभी ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा है। ग्रामीणों ने मिलकर कथा स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था तथा प्रसाद वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से संभाला। आयोजन समिति के अनुसार अखंड नवधा रामायण का समापन 18 मार्च को हवन-पूजन एवं ब्राह्मण भोज के साथ किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

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