अवैध नशे की खेती पर सीपत में बड़ा अभियान : पुलिस की फार्म हाउस-खेतों में दबिश, गांव-गांव शुरू हुई सघन जांच
दुर्ग और बलरामपुर में अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस-राजस्व की संयुक्त निगरानी तेज


सीपत (हिमांशु गुप्ता) :– छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद अब बिलासपुर जिले में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले के सीपत थाना क्षेत्र में कहीं भी अफीम, गांजा या अन्य नशीले पौधों की अवैध खेती न हो सके, इसके लिए पुलिस ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। थाना क्षेत्र के गांव-गांव में पुलिस टीम खेतों और फार्म हाउसों का निरीक्षण कर रही है तथा संदिग्ध फसलों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। दरअसल दुर्ग जिले के खजूरी गांव में करीब डेढ़ एकड़ खेत में भुट्टे की फसल के बीच अफीम की खेती और बलरामपुर जिले में करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती का मामला उजागर होने के बाद प्रदेशभर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इसी के मद्देनजर बिलासपुर जिले में भी कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


गांव-गांव पहुंच रही पुलिस, खेतों की बारीकी से जांच :–
सीपत थाना प्रभारी टीआई राजेश मिश्रा अपनी टीम के साथ थाना क्षेत्र के मटियारी, मोहरा, बरेली सहित आसपास के कई गांवों का लगातार दौरा कर रहे हैं। पुलिस टीम गांवों में बने फार्म हाउसों और खेतों का निरीक्षण कर रही है, खासकर ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है जहां मुख्य सड़कों से अंदर जाकर खेतों तक पहुंचना पड़ता है। जांच के दौरान पुलिस दल सब्जी, गन्ना, भुट्टा, केला तथा दलहन-तिलहन की फसलों के बीच भी बारीकी से निरीक्षण कर रहा है, ताकि किसी भी फसल की आड़ में अफीम या गांजे की खेती छिपाई न जा सके। ग्रामीणों से भी जानकारी लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश : किसी भी कीमत पर नहीं पनपेगा नशे का कारोबार
इधर शासन के निर्देश पर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में अफीम और अन्य नशीले पौधों की अवैध खेती को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जिले के किसी भी हिस्से में नशे की अवैध खेती या उससे जुड़े कारोबार को किसी भी स्थिति में पनपने नहीं दिया जाएगा। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग का मैदानी अमला भी सक्रिय कर दिया गया है। तहसीलदार, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और सरपंचों को गांव-गांव जाकर खेतों का निरीक्षण करने तथा संदिग्ध फसलों की पहचान कर तत्काल रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व, कृषि विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी ली जाएगी मदद :–
प्रशासन की ओर से इस अभियान में राजस्व विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों से भी लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भी मदद ली जाएगी, ताकि जिले में अवैध नशे की खेती पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। सीपत थाना प्रभारी टीआई राजेश मिश्रा ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना क्षेत्र के सभी गांवों में निगरानी रखी जा रही है। यदि कहीं भी अफीम या गांजे की खेती की सूचना मिलती है तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।








