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Smartphone Battery Damage: 100% चार्ज करना क्यों हो सकता है खतरनाक?

Smartphone Battery Damage आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पेमेंट, शॉपिंग, ऑफिस वर्क और जरूरी डॉक्यूमेंट्स का अहम जरिया बन चुका है। ऐसे में फोन की बैटरी खराब होना सीधे हमारे रोजमर्रा के काम को प्रभावित करता है। हैरानी की बात यह है कि बैटरी खराब होने की बड़ी वजह यूजर्स की कुछ गलत आदतें होती हैं।

अक्सर लोग अपने फोन को रात भर चार्जिंग पर लगाए रखते हैं या बार-बार 100% तक चार्ज करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत Smartphone Battery Damage की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी होती है। जब बैटरी को लगातार 100% तक चार्ज किया जाता है, तो उस पर ज्यादा वोल्टेज प्रेशर पड़ता है, जिससे समय के साथ उसकी क्षमता कम होने लगती है।

हालांकि, नए स्मार्टफोन्स में ओवरचार्जिंग से बचाने के लिए एडवांस चार्जिंग टेक्नोलॉजी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद रात भर फोन प्लग-इन रहने से हीट जनरेट होती है। यह गर्मी बैटरी सेल्स को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है और बैटरी लाइफ घटने लगती है। कुछ मामलों में ज्यादा गर्मी फोन के फटने का खतरा भी बढ़ा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फोन को हमेशा 100% चार्ज करना जरूरी नहीं है। बेहतर बैटरी हेल्थ के लिए फोन को 20% से 80% चार्ज लेवल के बीच रखना सबसे सही माना जाता है। फुल चार्ज केवल इमरजेंसी में ही करना चाहिए।

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Regional Desk

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