छत्तीसगढ़ में 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं की फीस में दोगुना बढोत्तरी

छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं का सफर अब थोड़ा महंगा होने वाला है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने लगभग 5 साल के लंबे अंतराल के बाद विभिन्न शुल्कों में भारी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। 2021 के बाद अब सीधा 2026 में हुए इस बदलाव का असर लाखों विद्यार्थियों की जेब पर पड़ेगा।
माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में कुल 22 अलग-अलग मदों में शुल्क बढ़ाने को हरी झंडी दी गई है। नियमित परीक्षार्थियों के लिए अब परीक्षा शुल्क, अंकसूची और प्रैक्टिकल फीस का कुल बोझ लगभग दोगुना हो गया है।
| मद | पहले (₹) | अब (₹) |
| नियमित परीक्षा शुल्क (कुल) | 460 | 800 |
| आवेदन फॉर्म शुल्क | 80 | 150 |
| एक विषय की परीक्षा | 280 | 400 |
| दो विषय (अवसर परीक्षा) | 340 | 600 |
| प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति | 80 | 80 (कोई बदलाव नहीं) |
आरक्षित वर्ग और अन्य राज्यों के छात्र भी प्रभावित
शुल्क वृद्धि की मार केवल नियमित छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वाध्यायी (Private) और राज्य के बाहर के छात्रों के लिए भी आंकड़े बदल गए हैं:
SC/ST (स्वाध्यायी) पंजीयन :
560 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है।
अन्य राज्यों के छात्र :
बाहरी राज्यों और नए पंजीयन कराने वाले छात्रों को अब 1,540 रुपये के बजाय 2,000 रुपये खर्च करने होंगे।
मंडल का कहना है कि प्रशासनिक खर्चों और परीक्षा के सफल संचालन में आने वाली लागत बढ़ने के कारण यह वृद्धि अनिवार्य हो गई थी। हालांकि, अभिभावक और छात्र संगठनों ने इस पर नाराजगी जतानी शुरू कर दी है।
चिंता का विषय:
मध्यम और गरीब तबके के परिवारों के लिए एक साथ इतनी राशि जुटाना चुनौतीपूर्ण होगा। छात्र संगठनों का मानना है कि शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्र में इतनी बड़ी वृद्धि अनुचित है और इसके खिलाफ ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी की जा रही है।






