छत्तीसगढ़ : अब होली और मुहर्रम पर भी छलकेगा जाम, सरकार ने बदला ‘ड्राय डे’ का कैलेंडर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब प्रेमियों के लिए राहत और सामाजिक संगठनों के लिए चिंता वाली खबर है। राज्य सरकार ने अपनी नई आबकारी व्यवस्था के तहत होली, मुहर्रम और गांधी निर्वाण दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर शराब दुकानों को खुला रखने का फैसला किया है। अब तक इन विशेष दिनों पर प्रदेश में पूर्ण ‘शुष्क दिवस’ (Dry Day) घोषित रहता था।
किन विशेष दिनों पर खुली रहेंगी दुकानें?
आमतौर पर धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के दिनों पर कानून-व्यवस्था और गरिमा बनाए रखने के लिए शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहती है, लेकिन नए निर्देशों के अनुसार:
- होली: रंगों के इस त्योहार पर हुड़दंग रोकने के लिए अक्सर दुकानें बंद रहती थीं, लेकिन अब यह खुली रहेंगी।
- मुहर्रम: संवेदनशील माहौल को देखते हुए इस दिन ड्राय डे रहता था, जिसे अब हटा दिया गया है।
- गांधी निर्वाण दिवस (30 जनवरी): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, जिसे अहिंसा और नशा मुक्ति के संकल्प के रूप में देखा जाता है, उस दिन भी मदिरा प्रेमियों को मायूस नहीं होना पड़ेगा।

सरकार के इस फैसले के पीछे का तर्क
सूत्रों और जानकारों के अनुसार, सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य रूप से दो कारण माने जा रहे हैं:
- राजस्व में बढ़ोतरी: बड़े त्योहारों पर शराब की मांग चरम पर होती है। दुकान बंद रहने से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान होता था।
- अवैध बिक्री पर लगाम: अक्सर देखा गया है कि ड्राय डे के दिन कोचिए (अवैध विक्रेता) सक्रिय हो जाते हैं और दोगुनी कीमत पर शराब बेचते हैं। दुकानें खुली रहने से इस ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगने की उम्मीद है।
समय अनुसार लिए जाते है निर्णय – गुरु खुशवंत साहेब
वहीं प्रदेश की नई आबकारी नीति में 7 दिन की जगह 3 दिन ड्राई डे रखे जाने का मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बचाव करते हुए कहा कि यह सभी निर्णय समय के अनुसार लिए जाते है. हम सब का एक ही भाव है कि सभी नशे से दूर रहें. गुरु घासीदास बाबा ने कहा है कि खानी, बानी और सयानी. जैसा खाएंगे वैसा रहेगा मन, जैसा पियेंगे पानी, वैसे रहेगी वाणी. नशे के खिलाफ सरकार जनजागरुकता अभियान चला रही है. पदयात्रा में भी उसी संदेश को प्रचारित किया जाएगा कि नशे से सभी दूर रहें.
विपक्ष और सामाजिक संगठनों का विरोध
इस फैसले के सामने आते ही विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। गांधीवादी विचारकों का कहना है कि बापू की पुण्यतिथि पर शराब दुकान खोलना उनके सिद्धांतों का अपमान है। वहीं, विपक्ष ने इसे “राजस्व के लिए नैतिकता की बलि” करार दिया है।
एक नजर में: क्या बदला और क्या नहीं?
| विशेष अवसर | पुरानी स्थिति | नई स्थिति |
| होली | शुष्क दिवस (बंद) | दुकानें खुली रहेंगी |
| मुहर्रम | शुष्क दिवस (बंद) | दुकानें खुली रहेंगी |
| गांधी निर्वाण दिवस | पूर्ण प्रतिबंध | दुकानें खुली रहेंगी |
| 2 अक्टूबर / 15 अगस्त | शुष्क दिवस | फिलहाल यथावत (बंद) |






