रायपुर महाठग: 10वीं पास ‘डॉक्टर’ ने 52 लोगों को लगाया 2.5 करोड़ का चूना, फर्जी डिग्रियां बांटकर बनाया ‘मुन्ना भाई’

रायपुर: राजधानी की सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को बेनकाब किया है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। खुद महज 10वीं पास, लेकिन रसूख ऐसा कि 52 लोगों को डॉक्टर बनाने का सपना दिखाकर उनसे ढाई करोड़ रुपये डकार गया। इतना ही नहीं, यह ठग बाकायदा एमबीबीएस (MBBS) की फर्जी डिग्रियां भी बांट रहा था।
फर्जी ‘डॉक्टर’ नरेश मनहर का पर्दाफाश
गिरफ्तार आरोपी का नाम नरेश मनहर है। सिविल लाइन पुलिस की गिरफ्त में आए इस शातिर दिमाग ठग ने फर्जीवाड़े का एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर रखा था। वह खुद को बड़ा रसूखदार बताकर युवाओं और उनके परिजनों को झांसे में लेता था।
नौकरी से लेकर डिग्री तक का ‘पैकेज’
नरेश मनहर केवल पैसे लेकर गायब नहीं होता था, बल्कि उसने भरोसा जीतने के लिए धोखाधड़ी का पूरा जाल बिछाया था,आरोपी ने दर्जनों युवाओं को स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी विभागों में डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। ठगी की हद तो तब हो गई जब उसने कई लोगों को MBBS की फर्जी डिग्रियां थमा दीं। पीड़ित इसे असली समझकर भविष्य के सपने बुन रहे थे।
52 शिकार, 2.5 करोड़ का खेल
अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कुल 52 लोगों से किस्तों में लगभग 2.5 करोड़ रुपये की उगाही की है। ठगी के शिकार कुछ लोगों ने जब पुलिस से इसकी लिखित शिकायत की, तब जांच की कड़ी से कड़ी जुड़ती गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।
हैरान कर देने वाला खुलासा
जब पुलिस ने आरोपी की शैक्षणिक योग्यता की जांच की, तो अधिकारी भी दंग रह गए। जो शख्स करोड़ों की ठगी कर एमबीबीएस की डिग्रियां बांट रहा था, वह खुद महज 10वीं पास निकला। पुलिस ने अपील की है कि “किसी भी व्यक्ति को नौकरी या डिग्री के नाम पर नकद राशि न दें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।”






