रिश्वतखोर SDO पर ACB का शिकंजा: 25 हजार लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, प्रमोशन के बाद ही चढ़ा भ्रष्टाचार का चढ़ा चश्मा

बलौदाबाजार/पलारी: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। पलारी जनपद पंचायत में पदस्थ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के SDO गोपाल कृष्ण शर्मा को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। यह कार्रवाई भवानीपुर पंचायत के स्कूल खेल मैदान में हुए निर्माण कार्य के भुगतान के एवज में की गई है।
मामला: 10 लाख के काम के लिए मांगी 1 लाख की घूस
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवानीपुर के स्कूल मैदान में 10 लाख रुपये की लागत से मुरूम बिछाने और समतलीकरण का कार्य कराया गया था। काम पूरा होने के बाद फाइल को आगे बढ़ाने और अंतिम मूल्यांकन (Valuation) के लिए SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने सरपंच से 1 लाख रुपये की डिमांड की थी।
- सौदेबाजी: बातचीत के बाद मामला 80 हजार रुपये में तय हुआ।
- पहली किस्त: शिकायतकर्ता ने पहले ही आरोपी अधिकारी को 20 हजार रुपये दे दिए थे।
- दबाव: इसके बावजूद SDO लगातार दूसरी किस्त के तौर पर 25 हजार रुपये के लिए दबाव बना रहा था।
ACB की बिछाई जाल में फंसा ‘साहब’
भ्रष्टाचार से परेशान होकर ग्रामीणों ने रायपुर ACB में इसकी शिकायत कर दी। योजना के मुताबिक, गुरुवार (19 फरवरी 2026) को जैसे ही शिकायतकर्ता 25 हजार रुपये लेकर पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी 15 सदस्यीय ACB टीम ने दबिश दी।
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: जैसे ही SDO ने रिश्वत की रकम पकड़ी, टीम ने उन्हें दबोच लिया।
- मांगी आईडी: कार्रवाई के दौरान हड़बड़ाए SDO ने उल्टा ACB के अधिकारियों से ही उनकी आईडी दिखाने को कह दिया।
- बरामदगी: मौके पर ही रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली गई और उनके हाथों को केमिकल से धुलवाया गया, जिससे रंग गुलाबी हो गया।
सब-इंजीनियर से SDO बनते ही बदला मिजाज
बता दें कि गोपाल कृष्ण शर्मा पहले पलारी जनपद पंचायत में ही सब-इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में प्रमोट होकर वे ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में SDO बने थे। प्रमोशन के कुछ ही समय बाद इस तरह की कार्रवाई ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दफ्तर में हड़कंप, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
ACB की टीम आरोपी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। गिधपुरी थाना क्षेत्र के इस मामले में अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। टीम अब उन फाइलों की भी जांच कर रही है जिनका मूल्यांकन आरोपी ने हाल के दिनों में किया है। इस कार्रवाई के बाद जनपद पंचायत दफ्तर के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।






