कृषक उन्नति योजना से बघेल, महंत और बैज समेत कांग्रेसियो के खातों में आए लाखों, बीजेपी बोली तिजोरी भरने वालों का चेहरा बेनकाब


रायपुर: छत्तीसगढ़ में ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत धान की अंतर राशि के भुगतान ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दावा किया है कि इस योजना का लाभ उठाने वालों में प्रदेश के आम किसानों के साथ-साथ कांग्रेस के शीर्ष दिग्गज नेता भी शामिल हैं।
बीजेपी का तीखा हमला: “चेहरा हुआ उजागर”
बीजेपी प्रवक्ताओं और सोशल मीडिया सेल की ओर से जारी बयानों और पोस्टरों में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई कांग्रेसियों के खातों में योजना के तहत लाखों रुपये की राशि पहुंची है। बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा “जो नेता सदन से लेकर सड़क तक इस योजना की आलोचना करते नहीं थकते थे और जनता को बरगलाने का काम कर रहे थे, आज वे खुद चुपचाप अपनी तिजोरियां भर रहे हैं। यह दोहरा चरित्र अब जनता के सामने उजागर हो चुका है।”
योजना के लाभ के आंकड़े (बीजेपी के दावे के अनुसार)
बीजेपी सूत्रों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, धान खरीदी की अंतर राशि (लगभग ₹917 प्रति क्विंटल) के रूप में इन नेताओं को बड़ी रकम मिली है
भूपेश बघेल:इनके परिवार और स्वयं के खाते में लाखों की राशि अंतरित की गई है।
चरण दास महंत: नेता प्रतिपक्ष के खाते में भी खेती के रकबे के अनुसार भारी भरकम भुगतान हुआ है।
दीपक बैज: पीसीसी अध्यक्ष को भी योजना का सीधा लाभ मिला है।
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“मोदी की गारंटी” में कोई भेदभाव नहीं
बीजेपी का कहना है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की पारदर्शिता का प्रमाण है। सरकार ने बिना किसी राजनीतिक द्वेष के हर पंजीकृत किसान को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया है। बीजेपी ने सवाल उठाया कि जब योजना इतनी ही “किसान विरोधी” थी, तो कांग्रेस के इन दिग्गज नेताओं ने स्वेच्छा से इस लाभ का परित्याग क्यों नहीं किया?
सियासी घमासान तेज
इस खुलासे के बाद प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहाँ बीजेपी इसे अपनी नीतिगत जीत बता रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि वे पहले एक किसान हैं और यह उनका हक है। हालांकि, बीजेपी के इस हमले ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में डाल दिया है, खासकर “तिजोरी भरने” वाले तंज को लेकर आम जनता के बीच नई चर्चा छिड़ गई है।








