छत्तीसगढ़रायपुर संभाग

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद बनीं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, निर्विरोध निर्वाचित

छत्तीसगढ़ राज्यसभा की दो सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को, जबकि बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा। जिससे चुनाव निर्विरोध हुआ।

छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की इन दोनों सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर चुनाव जीत लिया है। अब इन दोनों सीटों पर चुनाव नहीं होंगे। बता दें कि लक्ष्मी वर्मा पिछले 30 सालों से राजनीति में सक्रिय है, वे पार्टी के कई बड़े पदों पर रही है। वहीं, फूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेत्री है। वे भी पार्टी में 32 सालों से सक्रिय हैं

छत्तीसगढ़ में भाजपा के कोटे से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चुनी गई दिग्गज महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा के लिए सांसद चुन ली गई हैं।उनका निर्वाचन निर्विरोध रहा, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। प्रदेश भाजपा की मुखर नेत्री लक्ष्मी वर्मा के सांसद चुने जाने से प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह है।

कौन हैं छत्तीसगढ़ से राज्यसभा पहुंचने वाली लक्ष्मी वर्मा?
लक्ष्मी वर्मा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1990 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी।उन्हें साल 2000 में रायपुर के तत्कालीन सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। इसके तुरंत बाद साल 2001 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने महिलाओं को संगठित करने और पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

साल 2010 से 2014 के बीच उन्होंने भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लक्ष्मी वर्मा को 2021 से 2025 तक भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान, साल 2021 से 2024 के बीच उन्होंने गरियाबंद जिले के संगठन प्रभारी और पार्टी की आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया
आपको बता दें कि लक्ष्मी वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण चुनावी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। उनके सफर की शुरुआत साल 1994 में हुई, जब वह पहली बार रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से पार्षद निर्वाचित हुईं। स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद, साल 2010 में उन्होंने रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की दिग्गज और बस्तर की आदिवासी नेत्री फूलोदेवी नेताम दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई है। कोई प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी नहीं होने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध रहा। इसके बाद उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर ने निर्वाचन पत्र सौंपा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और पीसीसी चीफ दीपक बैज सहित कई और कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। वहीं भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा भी निर्विरोध निर्वाचित हुई है। इस दौरान दोनों प्रत्याशियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

कौन है फूलोदेवी नेताम
फूलो देवी नेताम पहले भी छत्तीसगढ़ में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं। वह काफी सक्रिय भी रही हैं। साल 2013 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं के एक काफिले पर नक्सलियों द्वारा हमला किया गया था, तब फूलो देवी इस काफिले का हिस्सा थीं, लेकिन वह बच गई थीं। वह कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य भी रह चुकी हैं। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र से आने वाली वह एक वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं। वह सामाजिक मुद्दे उठाने में एक सशक्त आवाज रही हैं। साल 2020 में उन्हें कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था।

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news36Desk

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