छत्तीसगढ़ विधानसभा: ‘कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026’ पारित, सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित


छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक पर सदन में तीखी बहस के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनी।
विधेयक पर चर्चा और विपक्ष के तर्क
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष ने विधेयक की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान स्वरूप में यह सीधी भर्ती में पूर्णतः एकरूपता लाने में सक्षम नहीं है। विपक्षी सदस्यों का तर्क था कि इस विधेयक में अभी कई और संशोधनों की आवश्यकता है ताकि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री का पलटवार और भ्रष्टाचार पर प्रहार
विपक्ष की आपत्तियों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पिछली सरकार पर जमकर निशाना साधा सीएम ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान PSC भर्तियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस ने 5 लाख पदों का दावा किया था, लेकिन भर्ती केवल 20 हजार हुई। अब ऐसा नहीं होगा।”
पारदर्शिता का वादा: सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह विधेयक अत्यंत आवश्यक है।
युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
विधेयक पारित होने के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं के लिए भविष्य का रोडमैप भी साझा किया:
बंपर भर्तियां: अगले दो वर्षों में 32,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
परीक्षा कैलेंडर: अब सभी परीक्षाओं के लिए एक निश्चित कैलेंडर जारी होगा।
समयबद्ध प्रक्रिया: सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परीक्षाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न हों।
सदन की कार्यवाही का समापन
विधेयक पारित होने के बाद सभापति ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के संदेश का पाठन किया। मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने एक-दूसरे के प्रति आभार व्यक्त किया, जिसके बाद आसंदी की ओर से सत्तापक्ष और विपक्ष को धन्यवाद दिया गया। इसी के साथ विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।








