बड़ा फैसला—31 मार्च के बाद स्कूलों में नहीं रहेंगे स्पेशल एजुकेटर, सरकार ने जारी किया आदेश


भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अहम निर्णय लेते हुए स्कूलों में कार्यरत अतिथि स्पेशल एजुकेटर्स की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। नए निर्देशों के अनुसार अब इन शिक्षकों की सेवाएं सिर्फ 31 मार्च 2026 तक ही मान्य रहेंगी।
क्या है सरकार का फैसला
जारी आदेश के मुताबिक, पहले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए इन शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक जारी रखने की बात कही गई थी, लेकिन अब उस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
साफ निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च के बाद किसी भी स्कूल में स्पेशल एजुकेटर कार्यरत नहीं रहेंगे।
क्यों लिया गया यह निर्णय
सरकार ने इस फैसले के पीछे मुख्य कारण समग्र शिक्षा अभियान की नई स्वीकृति को बताया है।
वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार से अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं
2025-26 के लिए स्वीकृत बजट केवल मार्च 2026 तक ही उपलब्ध है
इसी वजह से आगे सेवाएं जारी रखना संभव नहीं माना गया
जिम्मेदारी तय, होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि:
31 मार्च के बाद यदि कोई स्पेशल एजुकेटर कार्यरत पाया जाता है
तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी
ऐसे मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
क्या पड़ेगा असर
इस फैसले का सीधा असर उन स्कूलों पर पड़ेगा जहां विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पढ़ाई के लिए स्पेशल एजुकेटर्स तैनात थे।
हजारों अतिथि शिक्षकों की नौकरी प्रभावित होगी
विशेष बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है
आगे क्या संभव
अब सबकी नजर केंद्र सरकार से मिलने वाले नए दिशा-निर्देशों पर है।
अगर समग्र शिक्षा अभियान को नई स्वीकृति मिलती है, तो भविष्य में फिर से नियुक्ति या नई व्यवस्था लागू की जा सकती है।








