मंत्री ने लक्ष्मी राजवाड़े बोली ‘ इलाज तो करो…चाहे तो मेरा ख़ून ले लो…’


सूरजपुर जिला अस्पताल में गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद इलाज में लापरवाही का मामला सामने आने पर महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सीधे अस्पताल पहुंच गईं।
शिकायत के मुताबिक महिला को शनिवार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन रविवार को जांच में भ्रूण की मौत की पुष्टि होने के बाद भी ब्लड की कमी का हवाला देकर ऑपरेशन और इलाज शुरू नहीं किया गया। मंत्री के पहुंचने पर सीएस डॉ. मरकाम सहित डॉक्टर मौजूद थे, जहां राजवाड़े ने इलाज में देरी, अव्यवस्था और स्टाफ के दुर्व्यवहार पर कड़ी फटकार लगाई और कहा कि जरूरत पड़े तो मेरा रक्त ले लो, लेकिन मरीज का उपचार तुरंत होना चाहिए।
परिजनों का आरोप है कि मदद मांगने पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से उल्टा दुर्व्यवहार किया गया और जब उन्होंने इसकी जानकारी भाजपा नेताओं को दी तो संबंधित डॉक्टर ने ताना मारते हुए कहा कि मंत्री या विधायक को बुला लो, कुछ नहीं होगा। मंत्री ने अस्पताल में फैली गंदगी और बदबू पर भी नाराजगी जताई और साफ कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद व्यवस्था न सुधरी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी सूरजपुर जिला अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले सामने चुके हैं, जिनमें केवल नर्सों पर कार्रवाई हुई, जबकि लापरवाही के बावजूद ड्यूटी डॉक्टरों और सीएस पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, इसी वजह से हालात में सुधार नहीं हो पाया है








