छत्तीसगढ़

कोरबा का रहस्यमयी गांव, जहां घरों के सामने नहीं होते दरवाजे…डेढ़ सौ साल पुरानी मान्यता

CG News : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है। यहां एक ऐसा गांव है, जहां लोग आज भी अदृश्य शक्तियों के डर में जीते हैं। इस गांव का नाम भटगांव है, जो कोरबा मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गांव के कई पुराने घरों में सामने की तरफ दरवाजा ही नहीं होता।

डेढ़ सौ साल पुरानी मान्यता

भटगांव के बुजुर्गों के मुताबिक, यह मान्यता करीब डेढ़ सौ साल पुरानी है। गांव में एक समय ऐसा डर फैल गया था कि प्रेत आत्माएं घरों में घुसकर उत्पात मचाती थीं। लोगों को हर वक्त किसी अनहोनी का डर सताता था। हालात इतने भयावह हो गए कि ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर यह फैसला लिया कि अब घरों के दरवाजे सामने की बजाय पीछे की तरफ बनाए जाएंगे।

जंगली जानवरों से जुड़ा है एक और कारण

CG News के अनुसार, उस दौर में इलाके में जंगली जानवरों का भी आतंक था। शाम ढलते ही खूंखार जानवर गांव में घुस आते थे और कई बार ग्रामीणों पर हमला कर चुके थे। पीछे की ओर दरवाजा रखने से न सिर्फ अदृश्य शक्तियों का भय कम हुआ, बल्कि जंगली जानवरों से भी सुरक्षा मिली। इसके बाद यह परंपरा गांव में बसती चली गई।

आज भी दिखती है दहशत की छाया

आज भले ही नई पीढ़ी शहरी अंदाज में मकान बना रही हो, लेकिन पुराने घरों की बनावट अब भी लोगों को हैरान कर देती है। भटगांव से आगे परसाखोला पिकनिक स्पॉट जाने वाले पर्यटक भी इस रास्ते से गुजरते समय घरों को देखकर चौंक जाते हैं। आमतौर पर घरों के सामने दरवाजा होता है, लेकिन यहां कई मकानों में यह नजर ही नहीं आता।

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Regional Desk

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