छत्तीसगढ़ में 646 करोड़ का KCC घोटाला, सहकारी बैंकों में बड़ा खुलासा

Chhattisgarh KCC Scam : ने प्रदेश की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ के सहकारी बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के नाम पर करीब 646 करोड़ रुपये की बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। अब तक की जांच में अंबिकापुर में 43 करोड़ और बरमकेला में 9 करोड़ रुपये के घोटाले की पुष्टि हो चुकी है। आरोप है कि समितियों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत कर राशि का गबन किया गया।
आंकड़ों से खुली गड़बड़ी की परतें
Chhattisgarh KCC Scam तब सामने आया जब अपेक्स बैंक के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया। वर्ष 2024-25 में 7,908 करोड़ रुपये का KCC लोन 15.22 लाख किसानों को दिया गया था। वहीं, 2025-26 में 15.56 लाख किसानों को केवल 7,262 करोड़ रुपये का लोन मिला। यानी किसानों की संख्या बढ़ी, लेकिन कुल लोन राशि 646 करोड़ रुपये कम हो गई। इसी विसंगति और किसानों की लगातार शिकायतों से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
कैसे दिया गया घोटाले को अंजाम
जांच में सामने आया कि जिन किसानों ने कभी लोन नहीं लिया या जो अनपढ़ थे, उन्हें ही निशाना बनाया गया। समितियों ने ऐसे किसानों को चुना जिनके मोबाइल नंबर बदले जा चुके थे। किसानों की ऋण पुस्तिका और जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी लोन आवेदन तैयार किए गए। लोन स्वीकृत होने के बाद रकम पहले समिति के खाते में आई, फिर केसीसी खाते और वहां से बचत खाते में ट्रांसफर की गई। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी बाउचर बनाए गए और अंत में राशि डीसीएमआर खाते से नकद निकाल ली गई।
क्यों किया गया इतना बड़ा खेल
Chhattisgarh KCC Scam के पीछे एक बड़ी वजह चुनावी राजनीति मानी जा रही है। केसीसी लोन को अक्सर चुनाव के समय माफ करने का वादा किया जाता है। 2018 में कांग्रेस सरकार द्वारा लोन माफी किए जाने के बाद यह धारणा बनी कि किसानों को इसकी जानकारी नहीं होगी। इसी सोच का फायदा उठाकर अधिकारियों और समितियों ने करोड़ों रुपये का गबन कर लिया। अब इस घोटाले की जांच तेज हो गई है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






