Chhattisgarh : VHP नेता पर दुष्कर्म के आरोप का विश्व हिंदू परिषद ने किया खंडन, बताया पूर्णत : असत्य, भ्रामक और तथ्यहीन

Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता राजीव शर्मा पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप था कि राजीव शर्मा ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद महिला ने सरकंडा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
विश्व हिंदू परिषद ने किया खंडन बताया पूर्णत : असत्य, भ्रामक और तथ्यहीन
अपने खंडन पत्र में VHP ने लिखा है कि हाल ही में प्रकाशित एक समाचार में “राजीव शर्मा” नामक व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो कि पूर्णतः असत्य, भ्रामक एवं तथ्यहीन है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि जिस व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज होने का उल्लेख किया गया है, वह एक अन्य व्यक्ति है, जबकि विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री श्री राजीव शर्मा जी एक पृथक व्यक्ति हैं। दोनों को एक ही व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करना गंभीर तथ्यात्मक त्रुटि है, जिससे संगठन एवं समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है।
समाचार में जिस प्रकार संगठनात्मक दायित्व का उल्लेख किया गया है, वह भी तथ्यों के विपरीत है। विश्व हिन्दू परिषद के संगठनात्मक ढांचे में “जिला विभाग मंत्री” नामक कोई दायित्व अस्तित्व नहीं है। यह स्वयं इस बात का प्रमाण है कि समाचार तथ्यों की जाँच एवं संगठनात्मक जानकारी के अभाव में प्रस्तुत किया गया।
विश्व हिन्दू परिषद यह स्पष्ट करता है कि संगठन में अनुशासन, नैतिकता और आचरण सर्वोपरि हैं। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या असामाजिक कृत्य हमारे संगठन में न स्वीकार्य है और न ही क्षमायोग्य |
विश्व हिन्दू परिषद, जिला बिलासपुर एवं प्रांत छत्तीसगढ़, अपने विभाग मंत्री श्री राजीव शर्मा जी की कर्तव्यनिष्ठा, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं धर्मपरायण आचरण के प्रति पूर्णतः आश्वस्त है और उन्हें अपना अडिग समर्थन प्रदान करता है।
विश्व हिन्दू परिषद सत्य, सनातन और समाज के प्रति पूर्णतः उत्तरदायी संगठन है। हमारे कार्यकर्ता कड़े वैचारिक, नैतिक एवं संस्कारात्मक प्रशिक्षण से गुजरकर समाज सेवा के लिए तैयार होते हैं और संगठन की मर्यादा हमारे लिए सर्वोच्च है।
अतः प्रस्तुत भ्रामक समाचार का यह औपचारिक एवं स्पष्ट खंडन किया जाता है।
देख खंडन पत्र







