छत्तीसगढ़ में बैंक एटीएम की तर्ज पर अब ‘ग्रेन एटीएम’ के जरिये राशनकार्डधारियों को मिलेगा अनाज


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को हाईटेक बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया जा रहा है। अब राशन दुकानों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने के दिन लदने वाले हैं। बैंक एटीएम की तर्ज पर अब शहर में ग्रेन एटीएम (अन्नपूर्ति मशीन) लगाए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शास्त्री मार्केट से होने जा रही है।
कैसे काम करेगी यह आधुनिक मशीन?
ग्रेन एटीएम से अनाज प्राप्त करना बेहद सरल और तेज होगा। इसकी कार्यप्रणाली कुछ इस प्रकार है:
सत्यापन: लाभार्थी को अपना राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या आधार आधारित बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) सत्यापन करना होगा।
चुनाव: मशीन की स्क्रीन पर अनाज का प्रकार (चावल या गेहूं) और मात्रा चुननी होगी।
वितरण : महज 30 सेकंड के भीतर निर्धारित मात्रा में अनाज मशीन से सीधे बाहर आ जाएगा।
पारदर्शिता और शुद्धता पर मुख्य फोकस
इस डिजिटल पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी को रोकना है।
सटीक तौल : अक्सर कोटेदारों द्वारा कम अनाज देने की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन मशीन से अनाज निकलने के कारण तौल में हेराफेरी की गुंजाइश शून्य हो जाएगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम: पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से कागजी हेरफेर और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगेगी।
24/7 उपलब्धता: कामकाजी वर्ग और मजदूरों के लिए यह वरदान साबित होगा, क्योंकि वे दिन भर काम करने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन ले सकेंगे।
“राजधानी के शास्त्री बाजार में ग्रेन एटीएम स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। इसके लिए स्थान का चयन कर लिया गया है और जल्द ही इस सुविधा को आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा।” भूपेंद्र मिश्रा, खाद्य नियंत्रक, रायपुर
देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर नवाचार
हरियाणा, ओडिशा, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में ‘ग्रेन एटीएम’ के सफल प्रयोग के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार इसे अपनाने जा रही है। शास्त्री मार्केट में सफल परीक्षण के बाद, इस योजना को राजधानी के अन्य हिस्सों और फिर चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में विस्तार दिया जाएगा।








