सीपत के सेमरिया बाबा की अद्भुत महिमा : बिछड़ों को मिलाने वाले चमत्कारी धाम के रूप में प्रसिद्ध
चैत्र नवरात्रि में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 83 अखंड ज्योति कलश से जगमगाता आस्था का केंद्र


सीपत (हिमांशु गुप्ता) :– चैत्र नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर क्षेत्र भर में भक्तजन मां की भक्ति में लीन हैं। मान्यता है कि मां विभिन्न रूपों में विराजमान होकर भक्तों के दुखों का निवारण करती हैं। सीपत नगर भी आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां चारों दिशाओं में देवी-देवताओं की विशेष उपस्थिति नगर की रक्षा और कल्याण का प्रतीक मानी जाती है। नगर के उत्तर दिशा में ठाकुर देव, दक्षिण में श्रीपतेश्वर महादेव, पूर्व में सिद्ध मुनि बाबा तथा पश्चिम में सेमरिया बाबा विराजमान हैं। वहीं नगर के मध्य में मातेश्वरी, बजरंगबली जी, सिद्धेश्वरी माता, जगदला मुनि और दशमती दाई के पावन धाम स्थित हैं। इन सभी देवी-देवताओं की महिमा निराली है और भक्तों को इनका आशीर्वाद निरंतर प्राप्त होता है।
बिछड़ों को मिलाने के लिए प्रसिद्ध हैं सेमरिया बाबा :–
सीपत नगर के पश्चिम दिशा में स्थित बरछा खार के सेमरिया बाबा का धाम विशेष रूप से चमत्कारी माना जाता है। स्थानीय निवासी मोहन कश्यप के अनुसार, यह स्थान सैकड़ों वर्षों से गुम हुए व्यक्ति, पशु, धन एवं अन्य बिछड़ी वस्तुओं को मिलाने के लिए प्रसिद्ध है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने पर यहां हर मनोकामना पूर्ण होती है। करीब दस वर्ष पूर्व तक सेमरिया बाबा खुले आसमान के नीचे विराजमान थे, लेकिन भक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास ने इस स्थल को आज एक विशाल और भव्य धाम का रूप दे दिया है। वर्तमान में यहां 83 अखंड ज्योति कलश प्रज्वलित होकर पूरे परिसर को आस्था की रोशनी से आलोकित कर रहे हैं।
सेवाभाव से जुड़ा है ग्रामीणों का योगदान :–
सेमरिया बाबा धाम के विकास और व्यवस्थापन में ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा है। इनमें आचार्य चंद्रप्रकाश शर्मा का विशेष योगदान है। सेवक के रूप में विनोद यादव, प्रेम कुमार विश्वकर्मा, बनवासी केवट, आनंद राम, अर्जुन सिदार सहित अनेक ग्रामीण निरंतर सेवा में लगे हुए हैं। चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर सेमरिया बाबा धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था इस बात का प्रमाण है कि विश्वास और भक्ति के इस केंद्र ने लोगों के जीवन में विशेष स्थान बना लिया है। बिछड़ों को मिलाने की मान्यता के साथ यह धाम क्षेत्र की आस्था और चमत्कार का प्रतीक बन चुका है।












