मस्तूरी में गहराया जल संकट, खुटाघाट जलाशय से पानी छोड़ने विधायक दिलीप लहरिया ने शून्य काल में किया मांग


सीपत (हिमांशु गुप्ता) :– गर्मी की दस्तक के साथ ही मस्तूरी क्षेत्र में जल संकट ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि आम जनजीवन से लेकर किसानों की आजीविका तक पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में क्षेत्र की जनता की आवाज बनकर मस्तूरी विधायक एवं उपसचेतक श्री दिलीप लहरिया ने विधानसभा के शून्यकाल में दमदार हस्तक्षेप करते हुए खुटाघाट जलाशय से तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग को पूरे जोर-शोर से उठाया। विधानसभा में अपनी बात रखते हुए लहरिया ने स्पष्ट कहा कि मस्तूरी के गांवों में जलस्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि हैंडपंप और बोरवेल तक सूखने की कगार पर हैं। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों की पीड़ा को भी मजबूती से सदन में रखा और कहा कि पानी के अभाव में फसलें सूख रही हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। यह केवल जल संकट नहीं, बल्कि जीवन और जीविका दोनों का संकट बन चुका है। विधायक लहरिया ने खुटाघाट जलाशय को क्षेत्र की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाए, तो जलस्तर में सुधार लाया जा सकता है और पेयजल व सिंचाई की समस्या से बड़ी राहत मिल सकती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जलाशय का पानी स्थानीय लोगों तक पहुंचे, यह सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अंत में लहरिया ने सरकार से तत्काल ठोस निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि मस्तूरी की जनता अब और इंतजार नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता को राहत देने के लिए तुरंत निर्देश जारी किए जाएं, ताकि जल संकट से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिल सके। कुल मिलाकर, विधायक दिलीप लहरिया ने मस्तूरी की जनता की पीड़ा को सदन में प्रभावी ढंग से उठाकर यह साबित कर दिया कि वे जनहित के मुद्दों पर सदैव मुखर और सक्रिय हैं।








