ठंड में रोजाना खा ले छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लड्डू, सर्दियों में जोड़ों के दर्द, कमर दर्द से तुरंत निजाद, लौट आऐगी जवानी

छत्तीसगढ़ में “जचकी” या “छेवारी लड्डू” सोंठ (अदरक पाउडर), गोंद, गुड़ और घी से बने पारंपरिक लड्डू हैं, जो मुख्य रूप से जच्चा (नई मां) को डिलीवरी के बाद खिलाए जाते हैं। ये सर्दियों में जोड़ों के दर्द और कमर दर्द से राहत देते हैं।
बनाने की सामग्री
सोंठ पाउडर: 1/3 कप (25 ग्राम)
गुड़: 1.25 कप (250 ग्राम), बारीक तोड़ा हुआ
गेहूं का आटा: 3/4 कप (100 ग्राम)
देशी घी: 1/2 कप (125 ग्राम)
गोंद: 1/4 कप (50 ग्राम), छोटे टुकड़े
बादाम: 1/4 कप (35 ग्राम), पीसा हुआ
सूखा नारियल: 1 कप कद्दूकस (50 ग्राम)
पिस्ता: 10-12, पतले टुकड़े
तैयारी चरण (10-15 मिनट)
सभी सामग्री इकट्ठा करें: सोंठ पाउडर, गोंद के टुकड़े, आटा, गुड़, घी, मेवे और नारियल। गोंद को छोटे टुकड़ों में तोड़ें, गुड़ को क्रश करें। कढ़ाई को साफ करें और मध्यम आंच पर गर्म करें।
भूनने का चरण (25-30 मिनट)
0-5 मिनट: 2 टेबलस्पून घी गरम करें, गोंद डालकर 3-4 मिनट तक फूलने तक भूनें। निकालकर पीस लें।
5-15 मिनट: बाकी घी डालें, आटा भूनें जब तक सुनहरा न हो (10 मिनट)।
15-20 मिनट: सोंठ पाउडर हल्का भूनें (2-3 मिनट), नारियल और मेवे मिलाकर 2 मिनट भूनें।
गुड़ पकाने और मिश्रण (10-15 मिनट)
गुड़ को आधा कप पानी में पिघलाएं (5-7 मिनट तक एक तार की चाशनी बनाएं)। भुनी सामग्री मिलाएं, अच्छे से हिलाएं और 2-3 मिनट तक पकाएं। गैस बंद कर हल्का ठंडा करें।
लड्डू बांधना और सूखना (20-30 मिनट)
हल्के गरम मिश्रण से छोटे लड्डू बांधें (10 मिनट)। 2-3 घंटे सूखने दें या कमरे के तापमान पर रखें। एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। कुल समय: 1 घंटा 15 मिनट (सूखने सहित 3-4 घंटे)
बनाने की विधि
घी में गोंद भूनें जब तक फूल न जाए, फिर आटा ब्राउन होने तक भूनें और सोंठ को हल्का भूनें। गुड़ पिघलाकर सभी भुनी सामग्री, नारियल और मेवे मिलाएं, फिर हल्के गरम अवस्था में छोटे-छोटे लड्डू बांधें। लड्डू 2-3 घंटे सूखने दें और एयरटाइट कंटेनर में रखें।
स्वास्थ्य लाभ
ये लड्डू जच्चा के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं, दूध उत्पादन बढ़ाते हैं, कमर-जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाते हैं। सोंठ पाचन सुधारता है, गोंद ताकत देता है और गुड़ आयरन सप्लीमेंट का काम करता है। रोज 1-2 लड्डू खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है






