संकल्प से सिद्धि’ का सशक्त रोडमैप : समावेशी विकास, ग्रीन बजटिंग और संतुलित वित्तीय अनुशासन का ऐतिहासिक बजट — डॉ. राम प्रसाद चन्द्रा
1.72 लाख करोड़ का बजट छत्तीसगढ़ को समावेशी, आत्मनिर्भर और सतत विकास की दिशा में ले जाने वाला दूरदर्शी दस्तावेज, हर वर्ग और हर क्षेत्र के संतुलित उत्थान की मजबूत आधारशिला”


सीपत (हिमांशु गुप्ता) :– राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट ‘SANKALP’ थीम पर आधारित एक दूरदर्शी, संतुलित और समावेशी विकास का सशक्त दस्तावेज है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति और स्थायित्व प्रदान करेगा। यह विचार डॉ. राम प्रसाद चन्द्रा, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र), शासकीय मदनलाल शुक्ल स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीपत ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए व्यक्त किए। डॉ. चन्द्रा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये का विनियोग आकार और 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित कुल प्राप्तियां राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने इसे गत वर्ष की तुलना में 4.2 प्रतिशत अधिक प्राप्तियों के साथ प्रगतिशील और सकारात्मक बजट बताया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बजट में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 34 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 12 प्रतिशत राशि का प्रावधान सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का स्पष्ट प्रमाण है। इसके साथ ही सामाजिक क्षेत्र के लिए 40 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिए 36 प्रतिशत तथा सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए 24 प्रतिशत प्रावधान राज्य के संतुलित विकास की रणनीति को दर्शाता है। डॉ. चन्द्रा ने ग्रीन बजटिंग को शामिल किए जाने को एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि 14 हजार 300 करोड़ रुपये का ग्रीन बजट प्रावधान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति सरकार की गंभीरता का परिचायक है। यह कदम भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य का अनुमानित सकल वित्तीय घाटा 28 हजार 900 करोड़ रुपये तथा शुद्ध वित्तीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ रुपये, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का मात्र 2.87 प्रतिशत है, वित्तीय अनुशासन और प्रभावी संसाधन प्रबंधन का प्रमाण है। साथ ही मात्र 2 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व घाटा वित्तीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक संकेत देता है। डॉ. चन्द्रा ने बजट को कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र के समन्वित विकास का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि यह बजट वास्तव में ‘संकल्प से सिद्धि’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इस बजट का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया, तो यह राज्य को आर्थिक समृद्धि, सामाजिक समानता और सतत विकास के नए शिखर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अंत में कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं को भी ध्यान में रखते हुए प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का मजबूत खाका प्रस्तुत करता है।








