छत्तीसगढ़रायपुर संभाग

जंबूरी का ‘दंगल’: अपनों की जंग में सरकार ने खींचे हाथ, डिप्टी सीएम का किनारा और सियासत का नया मोड़

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों ‘जंबूरी‘ शब्द चर्चा का विषय है, लेकिन किसी सांस्कृतिक उत्सव के कारण नहीं, बल्कि सत्ता और संगठन के बीच मचे घमासान के कारण। इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब गुरुवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ‘संशोधित प्रोटोकॉल’ जारी हुआ और देखते ही देखते जंबूरी के मंच से सरकार के बड़े चेहरों की दूरियां साफ नजर आने लगीं।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा का ‘यू-टर्न’ : प्रोटोकॉल बदला
गुरुवार को कवर्धा से रायपुर तक गलियारों में तब हलचल मच गई, जब विजय शर्मा के दो अलग-अलग प्रोटोकॉल सामने आए। पहले डिप्टी सीएम विजय शर्मा हेलीकॉप्टर से बालोद के दुधली गाँव पहुँचने वाले थे, जहाँ उन्हें राष्ट्रीय जंबूरी का उद्घाटन करना था। लेकिन अचानक दुधली (जंबूरी) का नाम काट दिया गया। अब वे केवल बलौदाबाजार के दमाखेड़ा मेले की बैठक में शामिल होंगे। ऐसी चर्चा है कि मामला हाई कोर्ट में जाने और अपनों के बीच ही तलवारें खिंचने के चलते डिप्टी सीएम ने इस विवादित मंच से दूरी बनाना ही ‘सुरक्षित’ समझा

पहले जारी हुआ प्रोटोकॉल
बाद में जारी हुआ संशोधित प्रोटोकॉल

गजेंद्र यादव पड़े अकेले ? ‘सन्नाटे’ में भाजपा संगठन
एक तरफ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव आयोजन को सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी संगठन ने चुप्पी साध ली है। कांग्रेस भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाले के आरोप लगा रही है, लेकिन भाजपा का कोई भी दिग्गज प्रवक्ता बचाव में सामने नहीं आया।

सूत्रों की मानें तो अब इस मंच पर विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव के अलावा शायद ही कोई दूसरा बड़ा मंत्री नजर आए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हालांकि इसे ‘प्रदेश के लिए गर्व की बात’ कहकर मर्यादा तो रखी, लेकिन सक्रिय भागीदारी से दूरी बरकरार है।

‘बृजमोहन बनाम सरकार’: एक अभूतपूर्व कानूनी लड़ाई
यह पहली बार है कि भाजपा की ही सरकार में उसके एक सबसे कद्दावर नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल को अपनी ही सरकार के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। बृजमोहन का दावा है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष चुने गए थे। सरकार ने गजेंद्र यादव को ‘पदेन अध्यक्ष’ बनाकर उन्हें दरकिनार कर दिया। इसी ‘अध्यक्ष पद’ की जंग ने जंबूरी के भविष्य पर कानूनी सवालिया निशान लगा दिया है।

विपक्ष का तंज: “बृजमोहन की स्थिति देखकर दुख होता है”
इस ‘अपनों की लड़ाई’ का मजा लेने में विपक्ष भी पीछे नहीं है। पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने चुटकी लेते हुए कहा: “बृजमोहन अग्रवाल जैसे वरिष्ठ नेता की यह स्थिति देखकर दुख होता है। भाजपा सरकार में रहते हुए उनके अपने ही नेता को कोर्ट जाना पड़ रहा है, यह बताता है कि भीतर खाने सब ठीक नहीं है।”

प्रतिष्ठा की जंबूरी या विवादों का घेरा?
बालोद के दुधली में स्काउट्स-गाइड्स तो पहुँच रहे हैं, लेकिन असली ‘गाइड’ कौन है यह कोर्ट तय करेगा। एक तरफ जंबूरी को लेकर प्रशासनिक अमला डटा हुआ है, तो दूसरी तरफ रसूख की इस लड़ाई ने भाजपा की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

देश-विदेश से पहुंचे प्रतिभागी
13 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के 4252 रोवर-रेंजर सहित देश–विदेश के कुल 15 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। पहली बार देश में आयोजित हो रही नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की भी भागीदारी इसे और खास बना देगी।

जंबूरी में होंगी विविध गतिविधियां
5 दिवसीय इस आयोजन के दौरान प्रतिभागी कई सांस्कृतिक, बौद्धिक और साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे-

मार्च पास्ट एवं क्लोजिंग सेरेमनी
एथेनिक फैशन शो
एडवेंचर एरिया और वॉटर स्पोर्ट्स
उप शिविर गतिविधियां व ओवरनाइट हाइक
कैप फायर, रोड कैम्प फायर
राज्य प्रदर्शनी और कैंप क्राफ्ट
आदिवासी कार्निवल और स्टेट गेट
राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम
पायनियरिंग प्रोजेक्ट
मास ट्री प्लांटेशन
आपदा प्रबंधन एवं बैंड प्रतियोगिता
युवा सांसद, फॉक डांस, क्विज प्रतियोगिता
बैकवुडमैन कुकिंग आदि

ख़बर को शेयर करें

news36Desk

news36 Desk में अनुभवी पत्रकारों और विषय विशेषज्ञों की पूरी एक टीम है जो देश दुनिया की हर खबर पर पैनी नजर बनाए रखते है जो आपके लिए लेकर आते है नवीनतम समाचार और शोधपरक लेख

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button