किताबों से निकलकर इतिहास और प्रकृति के बीच पहुंचे विद्यार्थी—सुनील आईएएस एकेडमी का प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण


सीपत (हिमांशु गुप्ता):– प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से सुनील आईएएस एकेडमी द्वारा रविवार को शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ का कश्मीर कहे जाने वाले चैतुरगढ़ तथा ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से परिपूर्ण प्राचीन शिव मंदिर पाली का भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक यात्रा में विद्यार्थियों ने न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया। चैतुरगढ़ की पहाड़ियों और पाली स्थित प्राचीन शिव मंदिर की स्थापत्य कला ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। एकेडमी के संचालक सुनील निर्मलकर ने बताया कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि इतिहास, संस्कृति और प्रकृति को प्रत्यक्ष रूप से समझें। जब छात्र किसी स्थल को स्वयं देखते और महसूस करते हैं, तो उनकी समझ और दृष्टिकोण दोनों व्यापक होते हैं। यही अनुभव उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ जीवन में भी आगे बढ़ने में मदद करता है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और सीखने की नई ऊर्जा का संचार होता है, जो उन्हें एक बेहतर नागरिक और सफल अभ्यर्थी बनने की दिशा में प्रेरित करता है। इस अवसर पर शिक्षक उमेश डहरिया, धनंजय, नूतन साव, छाया निर्मलकर सहित एकेडमी के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे भ्रमण के दौरान अनुशासन और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिससे यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गई।






