राम नाम की गूंज से गुंजायमान हुआ कौड़िया बंधवापारा, 22वें अखंड नवधा रामायण का शुभारंभ
रामायण केवल पाठ नहीं, हमारी संस्कृति और संस्कारों की जीवनधारा : धनेश्वर

सीपत (हिमांशु गुप्ता) :– प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम कौड़िया बंधवापारा में अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। यह पावन आयोजन अपने 22वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो ग्रामवासियों की अटूट आस्था और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि धनेश्वर साहू एवं पूर्व सरपंच धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने ग्रामीणों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलन कर प्रभु श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष पूजा-अर्चना एवं जयकारों के साथ किया। पूरे वातावरण में जय श्रीराम के उद्घोष से भक्ति की अनुगूंज फैल गई।

इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि धनेश्वर साहू ने कहा कि अखंड नवधा रामायण का यह 22वां वर्ष हमारे लिए गर्व का विषय है। रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और आदर्शों का मार्गदर्शन है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को संस्कार, मर्यादा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश मिलता है। ग्रामवासियों की एकजुटता ही इस परंपरा की असली ताकत है। उन्होंने आगे कहा कि गांव में आध्यात्मिक वातावरण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारा मजबूत होता है। वहीं पूर्व सरपंच धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि 22 वर्षों से लगातार यह आयोजन होना गांव की आस्था और समर्पण का प्रमाण है। रामचरितमानस का पाठ समाज को जोड़ने का माध्यम है। हम सभी का दायित्व है कि इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी महिमा पहुंचाएं। आयोजन में दूर-दराज से मानस मंडलियां पहुंचकर अपनी मधुर प्रस्तुतियां देंगी। भक्ति रस से सराबोर इन प्रस्तुतियों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोतागण प्रतिदिन उपस्थित होंगे। ग्राम कौड़िया बंधवापारा इन दिनों पूरी तरह राममय हो चुका है, जहां श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों की ज्योति निरंतर प्रज्वलित हो रही है।







