हिंदू नववर्ष मनाने को लेकर सम्राट विक्रमादित्य समिति की बैठक सम्पन्न , — वैभव तंबोली बने अध्यक्ष
परंपरा, संस्कृति और गौरव के साथ मनाया जाएगा हिंदू नववर्ष — आयोजन को ऐतिहासिक बनाने लिए गए निर्णय


सीपत (हिमांशु गुप्ता):– हिन्दू नववर्ष के भव्य स्वागत को लेकर क्षेत्र में तैयारियों का शंखनाद हो चुका है। सम्राट विक्रमादित्य हिन्दू नववर्ष आयोजन समिति के तत्वाधान में स्थानीय विश्रामगृह सीपत में प्रथम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीपत परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा इस वर्ष हिन्दू नववर्ष को ऐतिहासिक, भव्य और यादगार बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में समिति के अध्यक्ष पद पर वैभव तंबोली को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं उपाध्यक्ष के रूप में ओम प्रकाश साहू और दीपक वैष्णव, कोषाध्यक्ष के रूप में ललित यादव तथा सहकोषाध्यक्ष के रूप में भूपेंद्र गिरी गोस्वामी और रघुनंदन श्रीवास को नियुक्त किया गया। प्रचार-प्रसार प्रमुख की जिम्मेदारी चंद्रहास साहू और यशवंत साहू को दी गई, जबकि सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में सतीश गिरी गोस्वामी और ओंकार साहू को नियुक्त किया गया। सह प्रचार प्रमुख के रूप में नीतीश साहू तथा व्यवस्था प्रमुख के रूप में परमेश्वर रजक को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। समिति के संरक्षक मंडल में राजेंद्र धीवर , दिलेन्द्र कौशिल, दीपक शर्मा, देवेश शर्मा, रविकांत राजवाड़े, तुषार चंद्राकर, प्रमोद कश्यप और राजेश केवट सहित अन्य वरिष्ठजनों को शामिल किया गया, जो आयोजन को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। बैठक में इस वर्ष हिन्दू नववर्ष पर निकलने वाली शोभायात्रा को अभूतपूर्व और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजन में जीवन्त धार्मिक झांकियां, भगवान हनुमान जी की भव्य प्रतिमा, श्रीराम दरबार की आकर्षक झांकी, पारंपरिक धुमाल, भक्ति संगीत से सुसज्जित डीजे, मंचीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, संतों के प्रेरणादायक आशीर्वचन, सुंदरकांड पाठ तथा सामूहिक हनुमान चालीसा जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि इस बार हिन्दू नववर्ष का आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ा जाएगा ताकि यह आयोजन जनभागीदारी का भव्य उत्सव बन सके। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर हिन्दू नववर्ष को ऐतिहासिक स्वरूप देने का संकल्प लिया और क्षेत्र में धार्मिक जागरण एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश फैलाने का आह्वान किया।










